गीता ध्यान - श्लोक श्लोक 6

गीता ध्यान

श्लोक 6

भीष्मद्रोणतता जयद्रथजला गंधरानिलोतपला

शल्यगृहवति कृपेण वह्नि कर्णेन वेलकुला

अश्वत्थामा विकर्ण घोरमकारा दुर्योधनवर्थी

सोथिर्ना खलु पांडवै रानानादि कैवर्तकः केसवः

अनुवाद

पांडवों ने भीष्म और द्रोण के दो किनारों वाली अभेद्य चट्टान, जयद्रथ का पानी, गांधार की काली चट्टान, शल्य की मगरमच्छ, कृपा की धारा, कर्ण की ज्वार, अश्वत्थामा और विकर्ण की भयानक शार्क और दुर्योधन के भँवर को केवल कैवर्तक भगवान के इशारे से पार किया।

केवल पढ़ने से कहीं अधिक—
अपने स्वयं के ध्यान वीडियो बनाएं।

पवित्र श्लोकों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए सुंदर, सिनेमाई वीडियो में बदलें। अपनी पृष्ठभूमि चुनें, मंत्रोच्चार ऑडियो जोड़ें, और आधुनिक प्रारूप में गीता के प्रकाश को फैलाएं।

इन सुविधाओं के लिए ऐप डाउनलोड करें

  • उच्च गुणवत्ता वाली पृष्ठभूमि कलाकृति
  • सिंक किया गया संस्कृत और अर्थ पाठ
  • इमर्सिव चैंटिंग और संगीत
Video Generation Preview

गहरे विसर्जन का अनुभव करें

नित्य गीता के पूर्ण संस्करण के साथ एक सिनेमाई आध्यात्मिक यात्रा शुरू करें। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्रोच्चार, प्रामाणिक अनुवाद, और आपके हाथ की हथेली में एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।