गुणत्रयविभागयोग - श्लोक श्लोक 15

गुणत्रयविभागयोग

श्लोक 15

रजसि प्रलयं गत्वा कर्मसङ्गिषु जायते |

तथा प्रलीनस्तमसि मूढयोनिषु जायते ||१४-१५||

अनुवाद

।।14.15।। रजोगुण के प्रवृद्ध काल में मृत्यु को प्राप्त होकर कर्मासक्ति वाले (मनुष्य) लोक में वह जन्म लेता है तथा तमोगुण के प्रवृद्धकाल में (मरण होने पर) मूढ़योनि में जन्म लेता है।।

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