गणना - श्लोक श्लोक 46

गणना

श्लोक 46

यवनार्थन उदपाने सर्वथामा साम्पलुतोडके।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

अनुवाद

.. 2. 46। जलक एकटा छोट निकायमे मनुष्यक उद्देश्य की अछि जखन कि चारि दिस पानि के एकटा पूरा द्रव्यमान अछि? आत्म-ज्ञाता ब्रह्मक उद्देश्य सभ वेदमे एक अछि।

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