जोनिंग-जोनिंग - श्लोक पद 22

जोनिंग-जोनिंग

पद 22

पुरुषः प्रकृतिस्थो ही भुङ्गी प्रकृतिसंगुना। कारण जे गुना संगोनाक सदस्य।। 13-22। अछि।

अनुवाद

.. 13.22। प्रकृतिक पुरुषमे प्रकृतिसँ प्राप्त गुणसभ अछि। ई गुण सब मिलिकऽ शुभ आ अशुभ योनिमे एहि पुरुष (जीव) क जन्मक कारण अछि।

मात्र पढ़बासँ बेसी -
अपन ध्यान वीडियो बनाउ।

पवित्र श्लोककेँ दुनियाक सङ्ग साझा करबाक लेल सुन्दर, सिनेमाई वीडियोमे बदलि दियौक। अपन पृष्ठभूमि चुनू, मंत्र ऑडियो जोड़ू, आ आधुनिक प्रारूपमे गीताक प्रकाशकेँ फैलाउ।

एहि सुविधासभ लेल ऐप डाउनलोड करू

  • उच्च गुणवत्ता वाला पृष्ठभूमि कलाकृति
  • संस्कृत आ अर्थ पाठकेँ समन्वित कयल गेल
  • इमर्सिव चैन्टिंग आ संगीत
Video Generation Preview

गहन विसर्जनक अनुभव करू

नित्य गीताक पूर्ण संस्करणक सङ्ग सिनेमाई आध्यात्मिक यात्राक शुरुआत करू। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्र, प्रामाणिक अनुवाद, आ अपन हाथ के हथेली मे एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।