गुणत्रयविभागयोग - श्लोक श्लोक 18

गुणत्रयविभागयोग

श्लोक 18

ऊर्ध्वं गच्छन्ति सत्त्वस्था मध्ये तिष्ठन्ति राजसाः |

जघन्यगुणवृत्तिस्था अधो गच्छन्ति तामसाः ||१४-१८||

अनुवाद

।।14.18।। सत्त्वगुण में स्थित पुरुष उच्च (लोकों को) जाते हैं; राजस पुरुष मध्य (मनुष्य लोक) में रहते हैं और तमोगुण की अत्यन्त हीन प्रवृत्तियों में स्थित तामस लोग अधोगति को प्राप्त होते हैं।।

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