ज्ञानकर्मस्योग - श्लोक श्लोक 23

ज्ञानकर्मस्योग

श्लोक 23

घट-सांग्य-मुक्तस्य-सत्व-ज्ञान-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व-सत्व।

अनुवाद

.. 4. 23. जे असम्बद्ध आ स्वतन्त्र अछि, जकर मन ज्ञानमे स्थित अछि, त्यागक लेल काज करैवला एहन व्यक्तिक सभ काज समाहित भऽ जाइत अछि।

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