गणना - श्लोक पद 1
गणना
पद 1
संजय उवाच। तान आ कृपाविस्तमश्रुपूर्ण कुलेक्षणम। विषिष्टण्डन्तु वचनम्मुवाचा मधुसूदन। 2-1।
संजय अवस्थी
अनुवाद
.. 2. 1। संजय कहलनिः मधुसूदन एहि तरहेँ अर्जुनकेँ कहलनि, जकर आँखि करुणा आ दुखसँ भरल छल।
संजय उवाच। तान आ कृपाविस्तमश्रुपूर्ण कुलेक्षणम। विषिष्टण्डन्तु वचनम्मुवाचा मधुसूदन। 2-1।
.. 2. 1। संजय कहलनिः मधुसूदन एहि तरहेँ अर्जुनकेँ कहलनि, जकर आँखि करुणा आ दुखसँ भरल छल।
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