गुणा विभाजन - श्लोक पद 12

गुणा विभाजन

पद 12

लोभः प्रवृत्तिः प्रारम्भः कर्मनामसमः स्प्रिहा। राजस्थानी जयन्त विवृद्धे भारतर्षभा।। 14-12

अनुवाद

.. 14.12। हे भारत-श्रेष्ठ! लोभ, सहज प्रवृत्ति, कर्मक दीक्षा, प्रहसन आ स्पृहक अभाव सभ तखन उत्पन्न होइत अछि जखन राजोगुण विकसित होइत अछि।

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