गीता ध्यान - श्लोक पद 2

गीता ध्यान

पद 2

नमो सस्तुते व्याससलबद्ध फुलरविंद्यातपत्रत्नेत्रा जाने तुम भारतैलपूर्णा लुम्प्लेतो ज्ञानमयः प्रदीपः

अनुवाद

वेदव्यास महर्षिकेँ नमस्कार, जे महाभारतक तेल भरि कऽ ज्ञानक दीप प्रज्जवलित कऽ दुनियामे प्रकाश देलनि, जकर आँखि एकटा खुजल कमलक फूलक पंखुड़ी जकाँ अछि आ जे विशाल विचारधारावला छथि।

मात्र पढ़बासँ बेसी -
अपन ध्यान वीडियो बनाउ।

पवित्र श्लोककेँ दुनियाक सङ्ग साझा करबाक लेल सुन्दर, सिनेमाई वीडियोमे बदलि दियौक। अपन पृष्ठभूमि चुनू, मंत्र ऑडियो जोड़ू, आ आधुनिक प्रारूपमे गीताक प्रकाशकेँ फैलाउ।

एहि सुविधासभ लेल ऐप डाउनलोड करू

  • उच्च गुणवत्ता वाला पृष्ठभूमि कलाकृति
  • संस्कृत आ अर्थ पाठकेँ समन्वित कयल गेल
  • इमर्सिव चैन्टिंग आ संगीत
Video Generation Preview

गहन विसर्जनक अनुभव करू

नित्य गीताक पूर्ण संस्करणक सङ्ग सिनेमाई आध्यात्मिक यात्राक शुरुआत करू। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्र, प्रामाणिक अनुवाद, आ अपन हाथ के हथेली मे एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।