ज्ञान-विज्ञान - श्लोक श्लोक 14
ज्ञान-विज्ञान
श्लोक 14
भगवान सद्गुणीकेँ आशीर्वाद दैत छथि। ई नदीसभ मायामे बहय।
अनुवाद
.. 7. 14. ई दिव्य त्रिगुणमयी माय माया बड्ड कठिन अछि। मुदा जे लोकनि हमर शरणमे अबैत छथि ओ एहि भ्रमसँ परे चलि जाइत छथि।
भगवान सद्गुणीकेँ आशीर्वाद दैत छथि। ई नदीसभ मायामे बहय।
.. 7. 14. ई दिव्य त्रिगुणमयी माय माया बड्ड कठिन अछि। मुदा जे लोकनि हमर शरणमे अबैत छथि ओ एहि भ्रमसँ परे चलि जाइत छथि।
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