ध्यान - Verse पद 17
ध्यान
पद 17
युक्ता याहारा युक्ता कर्मसु। युक्ता स्वप्नवत युक्ता योगथा साधना। 6-17।
Translation
.. 6. 17. जे व्यक्ति भोजनक शौकीन आ पैदल चलैत अछि, नीक काज करैत अछि आ निद्रा मे रहैत अछि आ सीमासँ जागैत अछि, योग ओकर दुखक प्रतिकार अछि।