कर्मयोग - श्लोक श्लोक 36

कर्मयोग

श्लोक 36

अर्जुन उवाच।।।।।।।।।

अर्जुन उवाचन

अनुवाद

.. 3. 36. अर्जुन कहलकनि, "हे वार्ष्णेय! एहिलेल, ई आदमी, ओना अनिच्छुक अछि जेना जखन ओकरा जबरदस्ती कयल गेल छल, पाप करबाक लेल कोना प्रेरित कयल गेल अछि?

मात्र पढ़बासँ बेसी -
अपन ध्यान वीडियो बनाउ।

पवित्र श्लोककेँ दुनियाक सङ्ग साझा करबाक लेल सुन्दर, सिनेमाई वीडियोमे बदलि दियौक। अपन पृष्ठभूमि चुनू, मंत्र ऑडियो जोड़ू, आ आधुनिक प्रारूपमे गीताक प्रकाशकेँ फैलाउ।

एहि सुविधासभ लेल ऐप डाउनलोड करू

  • उच्च गुणवत्ता वाला पृष्ठभूमि कलाकृति
  • संस्कृत आ अर्थ पाठकेँ समन्वित कयल गेल
  • इमर्सिव चैन्टिंग आ संगीत
Video Generation Preview

गहन विसर्जनक अनुभव करू

नित्य गीताक पूर्ण संस्करणक सङ्ग सिनेमाई आध्यात्मिक यात्राक शुरुआत करू। उच्च गुणवत्ता वाला मंत्र, प्रामाणिक अनुवाद, आ अपन हाथ के हथेली मे एक शांतिपूर्ण ध्यान अभयारण्य।