पुरुषोत्तम योग - Verse पद 2
पद 2
अधिसकोट्टर्वम पुण्यक विषय प्रस्थानस्त केर एकटा शाखा अछि। अधिसक्त मूल्यान्यान अनन्तताक कर्मिक बन्धन अछि। 15-2।
Translation
.. 15. 2. ओहि गाछक शाखा नीचाँ आ ऊपर पसरल अछि, जे गुणसँ बढ़ैत अछि। (पंच) विषय एकर अंकुर अछि। एकर अन्य जड़, जे मानव जगतमे कर्मक अनुसरण करैत अछि, नीचाँ पसरल अछि।