पुरुषोत्तम योग - श्लोक पद 1

पुरुषोत्तम योग

पद 1

श्रीभगवानूचचा। उर्तमुलमुधः शाकास्वतमहप्रभूव्यम। जकर श्लोक एहि तरहेँ अछिः वेद वेदविता। 15-1।

श्रीभगवानुवाच

अनुवाद

.. 15. 1. पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान कहलनि, "(बुद्धिमान लोक एकरा सांसारिक गाछ कहैत छथि) अश्वथ आ अव्यय, जकर ऊपरी जड़ आ निचला शाखा अछि। जकर पत्तासभ वेद अछि, जे एहन (विश्व वृक्ष) केँ जनैत अछि ओ वेदविता अछि। "

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