मोक्षसंन्यासयोग - श्लोक श्लोक 28

मोक्षसंन्यासयोग

श्लोक 28

अयुक्तः प्राकृतः स्तब्धः शठो नैष्कृतिकोऽलसः |

विषादी दीर्घसूत्री च कर्ता तामस उच्यते ||१८-२८||

अनुवाद

।।18.28।। अयुक्त, प्राकृत, स्तब्ध, शठ, नैष्कृतिक, आलसी, विषादी और दीर्घसूत्री कर्ता तामस कहा जाता है।।

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