ज्ञान-विज्ञान - श्लोक पद 25
ज्ञान-विज्ञान
पद 25
नहि प्रकाशः सर्वस्य योगमयसमवरितः।।।।।।
अनुवाद
.. 7. 25. हम अपन योग मायाक माध्यमसँ सभकेँ नहि देखाइत छी। ई मोहित लोक (मनुष्य) हमरा, अजन्मा, अविनाशी केँ नहि चिन्हैत अछि।
नहि प्रकाशः सर्वस्य योगमयसमवरितः।।।।।।
.. 7. 25. हम अपन योग मायाक माध्यमसँ सभकेँ नहि देखाइत छी। ई मोहित लोक (मनुष्य) हमरा, अजन्मा, अविनाशी केँ नहि चिन्हैत अछि।
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