ध्यान - श्लोक पद 31
ध्यान
पद 31
सर्वव्यापी अवस्थामे ई माता भजतेकत्वममे छथिः सर्वव्यापी वर्तमानमे सेहो योगी हमरा मे छथि। 6-31।
अनुवाद
.. 6. 31. योगी जे एकतामे छथि, जे सभ भूतमे छथि, जे हमरा मे छथि, हमरा मे छथि, सभ तरहेँ (जीवित) व्यवहार करैत छथि।
सर्वव्यापी अवस्थामे ई माता भजतेकत्वममे छथिः सर्वव्यापी वर्तमानमे सेहो योगी हमरा मे छथि। 6-31।
.. 6. 31. योगी जे एकतामे छथि, जे सभ भूतमे छथि, जे हमरा मे छथि, हमरा मे छथि, सभ तरहेँ (जीवित) व्यवहार करैत छथि।
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