कर्मयोग - श्लोक पद 9
कर्मयोग
पद 9
यज्ञार्थ कर्म असंख्य लोकक कर्मबन्धन अछि। अतः कर्म कौन्तेय मुक्त संघः समाचार। 3-9।
अनुवाद
.. 3. 9. ई व्यक्ति, जे बलिदानक लेल कयल गेल काजक अतिरिक्त अन्य काजमे लागल रहैत अछि, कर्मसँ आबद्ध रहैत अछि। एहि लेल आसक्ति छोड़ि त्यागक लेल काज करू।