कर्मयोग - श्लोक श्लोक 15
कर्मयोग
श्लोक 15
कर्म ब्रह्मोदभाव विधि ब्रह्मक्षरसमुद्रभाव।
अनुवाद
.. 3. 15. कर्म ब्रह्माजीसँ उत्पन्न होइत अछि आ ब्रह्माजी अक्षर तत्वक माध्यमसँ व्यक्त होइत अछि। एहि लेल यज्ञमे सर्वव्यापी ब्रह्म सर्वदा उपस्थित रहैत अछि।
कर्म ब्रह्मोदभाव विधि ब्रह्मक्षरसमुद्रभाव।
.. 3. 15. कर्म ब्रह्माजीसँ उत्पन्न होइत अछि आ ब्रह्माजी अक्षर तत्वक माध्यमसँ व्यक्त होइत अछि। एहि लेल यज्ञमे सर्वव्यापी ब्रह्म सर्वदा उपस्थित रहैत अछि।
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