मोक्षस्ययोग - श्लोक पद 66
मोक्षस्ययोग
पद 66
सर्वधर्मपरित्याज्य माँ को शरण राज। हम अहाँ सभ केँ सभ दुष्टता सँ बचा कऽ राखब।
अनुवाद
.. 18.66। सभ धर्म छोड़ि हमरा लग एक्लै आउ। हम अहाँ सभ केँ सभ पाप सँ मुक्त करब। शोक नहि करू।
सर्वधर्मपरित्याज्य माँ को शरण राज। हम अहाँ सभ केँ सभ दुष्टता सँ बचा कऽ राखब।
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