श्रद्धात्रय विभायोग - श्लोक पद 22
श्रद्धात्रय विभायोग
पद 22
एहि क्रममे निम्नलिखित वर्ण देल गेल अछि
अनुवाद
.. 17.22। कोनो अयोग्य देशक अवधिमे बिना सम्मानक, अथवा तिरस्कारक सङ्ग कुपात्रसभकेँ जे दान कयल जाइत अछि, ओकरा तमस मानल जाइत अछि।
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.. 17.22। कोनो अयोग्य देशक अवधिमे बिना सम्मानक, अथवा तिरस्कारक सङ्ग कुपात्रसभकेँ जे दान कयल जाइत अछि, ओकरा तमस मानल जाइत अछि।
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