श्रद्धात्रय विभायोग - श्लोक पद 11

श्रद्धात्रय विभायोग

पद 11

अफ्लक्षिभिर्यज्ञान ध्यानक एकटा विधि मानल जाइत अछि।

अनुवाद

.. 17.11। एकटा यज्ञ जे शास्त्र द्वारा नियन्त्रित होइत अछि आ जे एहन लोक द्वारा कयल जाइत अछि जे मन (निश्चय) केँ "ई हमर कर्तव्य अछि" क रूपमे हल कऽ फलक आकांक्षा नहि करैत अछि, ओ सात्त्विक होइत अछि।

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