विभु प्रतिष्ठान - श्लोक श्लोक 24

विभु प्रतिष्ठान

श्लोक 24

पुरोधक मुख्य माता विधि पार्थ बृहस्पति छथि। सेनानमनम स्कंदः सरसामास्मी सागर।। 10-24।।

अनुवाद

.. 10.24। ओह प्रिय! पुरोहित सभमे हमरा बृहस्पतिक रूपमे चिन्हू। हम सेनापतिमे स्कन्द आ जलाशयमे समुद्र छी।

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