ज्ञानकर्मसन्यासयोग - श्लोक श्लोक 39

ज्ञानकर्मसन्यासयोग

श्लोक 39

श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः |

ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति ||४-३९||

अनुवाद

।।4.39।। श्रद्धावान्, तत्पर और जितेन्द्रिय पुरुष ज्ञान प्राप्त करता है। ज्ञान को प्राप्त करके शीघ्र ही वह परम शान्ति को प्राप्त होता है।।

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