सांख्ययोग - श्लोक श्लोक 16

सांख्ययोग

श्लोक 16

नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः |

उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्त्वदर्शिभिः ||२-१६||

अनुवाद

।।2.16।। असत् वस्तु का तो अस्तित्व नहीं है और सत् का कभी अभाव नहीं है। इस प्रकार इन दोनों का ही तत्त्व, तत्त्वदर्शी ज्ञानी पुरुषों के द्वारा देखा गया है।।

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