राजविद्या राजगुह्ययोग - Verse श्लोक 24
श्लोक 24
हम सभ ज्ञानक स्वामी छी। अहाँ हमरा नहि चिन्हैत छी आ हमरा पर विश्वास नहि करैत छी।
Translation
.. 9. 24. चूँकि हम सभ यज्ञक भोग आ स्वामी छी, मुदा ओ सभ सैद्धांतिक रूपसँ हमरा नहि चिन्हैत छथि, तेँ ओ सभ खसि पड़ैत अछि, अर्थात् संसार द्वारा प्राप्त कयल जाइत अछि।