गणना - Verse श्लोक 52
श्लोक 52
जखन ओ मोहकलिला द्वारा प्रबुद्ध होइत छथि। तखन श्रोता गन्टासी निर्वाण सुनबामे सक्षम होयत।
Translation
.. 2. 52। जखन अहाँक बुद्धि कुहासा (कलीला) मे डूबि जायत तखन की अहाँ ओहि सब चीज सँ निर्वाण (अलगाव) प्राप्त करब? जे सुनि आ सुनि सकैत अछि।