गणना - श्लोक पद 3
गणना
पद 3
कलाभ्यम मा समगमः पार्थ नैतत्वयुपियम।
अनुवाद
.. 2. 3. अरे पार्थ क्लीव, डरपोक नहि बनू। ई अहाँक लेल अनुपयुक्त अछि, ओ! हृदयक छोट-छोट कमजोरी छोड़ि कऽ ठाढ़ भऽ जाउ।
कलाभ्यम मा समगमः पार्थ नैतत्वयुपियम।
.. 2. 3. अरे पार्थ क्लीव, डरपोक नहि बनू। ई अहाँक लेल अनुपयुक्त अछि, ओ! हृदयक छोट-छोट कमजोरी छोड़ि कऽ ठाढ़ भऽ जाउ।
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