मोक्षस्ययोग - Verse श्लोक 49
श्लोक 49
Asaktabuddhi: स्वत्ता जितात्मा बिज्यास्पुर्ध: नायशक्रम्य सिद्धिति परमाना सन्न्यसे नाहिता है | 18-49.
Translation
.. 18.49। सब जगह असम्बद्ध बुद्धि वाला व्यक्ति, जे आत्मा रहित आ आत्मा रहित अछि, त्यागक माध्यम सँ परम आध्यात्मिक पूर्णता प्राप्त करैत अछि।