पुरुषोत्तम योग - श्लोक पद 20
पुरुषोत्तम योग
पद 20
ई सबसँ रहस्यवादी विज्ञान मुक्त भारत अछि। 15-20
अनुवाद
.. 15.20। ओह, निर्दोष भारत! एहि तरहेँ ई गूढ़ शास्त्र हमरा द्वारा कहल गेल छल, एकरा जानि मनुष्य बुद्धिमान आ सद्गुणी बनि जाइत अछि।
ई सबसँ रहस्यवादी विज्ञान मुक्त भारत अछि। 15-20
.. 15.20। ओह, निर्दोष भारत! एहि तरहेँ ई गूढ़ शास्त्र हमरा द्वारा कहल गेल छल, एकरा जानि मनुष्य बुद्धिमान आ सद्गुणी बनि जाइत अछि।
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