जोनिंग-जोनिंग - श्लोक श्लोक 14
जोनिंग-जोनिंग
श्लोक 14
सर्वथाथ पानीपादम टसरवतीक्षिरुमुखम। सर्वथथ श्रुतिमलोकम सर्वमव्यामृत्य तारावथ। 13-14।
अनुवाद
.. 13.14। ओ सर्वग्राही, सर्वदर्शी, सर्वदर्शी छथि।
सर्वथाथ पानीपादम टसरवतीक्षिरुमुखम। सर्वथथ श्रुतिमलोकम सर्वमव्यामृत्य तारावथ। 13-14।
.. 13.14। ओ सर्वग्राही, सर्वदर्शी, सर्वदर्शी छथि।
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