विभु प्रतिष्ठान - श्लोक श्लोक 28 आ 29

विभु प्रतिष्ठान

श्लोक 28 आ 29

आयुधनम वज्रम धेनुनामास्मी कामधुका। प्रज्ञानास्मी कन्दरपाः सर्वनामास्मी वासुकी।। 10-28। अनन्तासामी नागास वरुणा यादसमहम।। पितानामार्यम चास्मी यमः श्याममातामहम।। 10-29।

अनुवाद

.. 10.28। हम हथियारमे वज्र आ धेनु (गाय) मे कामधेनू छी, हम सृष्टिमे कन्दरपा (कामदेव) आ नागमे वासुकी छी...। 10.29। हम नागामे अनन्त (शेषनाग) आ जल देवतामे वरुण छी। हम पूर्वजसभमे आर्यम आ नियमक सभमे यम छी।

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