सांख्ययोग - श्लोक श्लोक 38

सांख्ययोग

श्लोक 38

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ |

ततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि ||२-३८||

अनुवाद

।।2.38।। सुख-दु:ख, लाभ-हानि और जय-पराजय को समान करके युद्ध के लिये तैयार हो जाओ; इस प्रकार तुमको पाप नहीं होगा।।

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