सांख्ययोग - श्लोक श्लोक 35

सांख्ययोग

श्लोक 35

भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः |

येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम् ||२-३५||

अनुवाद

।।2.35।। और जिनके लिए तुम बहुत माननीय हो उनके लिए अब तुम तुच्छता को प्राप्त होओगे, वे महारथी लोग तुम्हें भय के कारण युद्ध से निवृत्त हुआ मानेंगे।।

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