मोक्षसंन्यासयोग - श्लोक श्लोक 42

मोक्षसंन्यासयोग

श्लोक 42

शमो दमस्तपः शौचं क्षान्तिरार्जवमेव च |

ज्ञानं विज्ञानमास्तिक्यं ब्रह्मकर्म स्वभावजम् ||१८-४२||

अनुवाद

।।18.42।। शम, दम, तप, शौच, क्षान्ति, आर्जव, ज्ञान, विज्ञान और आस्तिक्य - ये ब्राह्मण के स्वाभाविक कर्म हैं।।

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