गुणत्रयविभागयोग - श्लोक श्लोक 1

गुणत्रयविभागयोग

श्लोक 1

श्रीभगवानुवाच |

परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् |

यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ||१४-१||

श्रीभगवानुवाच

अनुवाद

।।14.1।। श्री भगवान् ने कहा -- समस्त ज्ञानों में उत्तम परम ज्ञान को मैं पुन: कहूंगा, जिसको जानकर सभी मुनिजन इस (लोक) से जाकर (इस जीवनोपरान्त) परम सिद्धि को प्राप्त हुए हैं।।

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