अर्जुनविषादयोग - श्लोक श्लोक 8 और 9

अर्जुनविषादयोग

श्लोक 8 और 9

भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः |

अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च ||१-८||

अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः |

नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः ||१-९||

अनुवाद

।।1.8।।एक तो स्वयं आप, भीष्म, कर्ण, और युद्ध विजयी कृपाचार्य तथा अश्वत्थामा, विकर्ण और सोमदत्त का पुत्र है। ।।1.9।।मेरे लिए प्राण त्याग करने के लिए तैयार, अनेक प्रकार के शस्त्रास्त्रों से सुसज्जित तथा युद्ध में कुशल और भी अनेक शूर वीर हैं।

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