ज्ञानमीमांसा - Verse छंद 18
ज्ञानमीमांसा
छंद 18
Udaara: सर्वयते ज्यानी त्यात्मायमे मात्मायन गतिमा | 7-18.
Translation
.. 7. 18. (हालां-के) एह् सारे कमाल दे न, पर ज्ञान मेरा रूप ऐ, मेरा मन्नना ऐ, की जे ओह् स्थिर बुद्धि मेरे अंदर ज्ञान दे रूप च शैल स्थित ऐ।