ज्ञानकर्मस्योग - Verse पद 1
पद 1
श्रीभगवानूचस। इम्नविवास्वते योग प्रोक्तवनमहाव्यम। विवास्वन्मानवे प्राहा मनुरिक्सावाया कहलनि। 4-1।
Translation
। 4. 1। श्रीभगवन कहलकः हम ई अविनाशी योग विवासवन (सूर्य देवता) केँ कहलनि (सिखौलनि); विवासवन मनुकेँ कहलनि; मनु इश्वाकुकेँ कहलनि। ।