गणना - श्लोक श्लोक 37
गणना
श्लोक 37
ओ स्वर्गमे विजयी छलाह वा रहत वा नरकमे पराजित भऽ जायत।
अनुवाद
.. 2. 37। अहाँ युद्धमे मरि कऽ स्वर्ग प्राप्त करब नहि तऽ अहाँ जीतब आ पृथ्वीक आनन्द लेब। एहिलेल, हे कौन्तेया! लड़बाक निश्चय करू आ ठाढ़ भऽ जाउ।
ओ स्वर्गमे विजयी छलाह वा रहत वा नरकमे पराजित भऽ जायत।
.. 2. 37। अहाँ युद्धमे मरि कऽ स्वर्ग प्राप्त करब नहि तऽ अहाँ जीतब आ पृथ्वीक आनन्द लेब। एहिलेल, हे कौन्तेया! लड़बाक निश्चय करू आ ठाढ़ भऽ जाउ।
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