गणना - श्लोक श्लोक 30
गणना
श्लोक 30
देह नित्यानंदम अम्मय देह सर्वस्य भारत। ततसरवानी भूटानी ना तू शोचित। 2-30।
अनुवाद
.. 2. 30. हे भारत! ई शरीर-आत्मा सभलोकनिक शरीरमे सर्वदा उपस्थित रहैत अछि, तेँ सभ प्राणीक लेल अहाँक शोक मननाइ उचित नहि अछि।
देह नित्यानंदम अम्मय देह सर्वस्य भारत। ततसरवानी भूटानी ना तू शोचित। 2-30।
.. 2. 30. हे भारत! ई शरीर-आत्मा सभलोकनिक शरीरमे सर्वदा उपस्थित रहैत अछि, तेँ सभ प्राणीक लेल अहाँक शोक मननाइ उचित नहि अछि।
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