गणना - Verse श्लोक 28
श्लोक 28
अव्यक्तदीक भूतक अभिव्यक्तिक भारत। अव्यक्तनिधननेव तातारक परिदेवन। 2-28।
Translation
.. 2. 28। हे भारत! जन्मसँ पहिने आ मृत्युक बाद सभ प्राणी अव्यक्त अवस्थामे उपस्थित रहैत अछि आ मध्यमे व्यक्त होइत अछि। तखन चिन्ता करबाक वा शोक करबाक की बात अछि?