गणना - श्लोक पद 26
गणना
पद 26
ओ प्रभु, हुनका चिरस्थायी शान्ति प्रदान करू आ हुनकर आत्माक शान्ति होय।
अनुवाद
.. 2. 66। आ जँ अहाँ आत्मा केँ अनन्त काल धरि जन्मल आ अनन्त काल धरि मृत मानैत छी तँ ओ महान! एहि तरहेँ शोक करब अहाँक लेल उचित नहि अछि।
ओ प्रभु, हुनका चिरस्थायी शान्ति प्रदान करू आ हुनकर आत्माक शान्ति होय।
.. 2. 66। आ जँ अहाँ आत्मा केँ अनन्त काल धरि जन्मल आ अनन्त काल धरि मृत मानैत छी तँ ओ महान! एहि तरहेँ शोक करब अहाँक लेल उचित नहि अछि।
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