पुरुषोत्तम योग - Verse श्लोक 15
श्लोक 15
वेदशिशय सर्वराय वेद वेदानकृतक्रोधमा। 15-15।
Translation
.. 15.15। हम सभ प्राणीक हृदयमे अवस्थित छी। स्मृति, ज्ञान आ अस्तित्वहीनता (ओकर अनुपस्थिति) हमरा सँ होइत अछि। सभ वेदमे हम वैदिक (ज्ञात) वस्तु छी आ हम वेदांत आ वेदक ज्ञाता छी।