क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग - श्लोक श्लोक 21

क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग

श्लोक 21

कार्यकारणकर्तृत्वे हेतुः प्रकृतिरुच्यते |

पुरुषः सुखदुःखानां भोक्तृत्वे हेतुरुच्यते ||१३-२१||

अनुवाद

।।13.21।। कार्य और कारण के उत्पन्न करने में हेतु प्रकृति कही जाती है और पुरुष सुख-दु:ख के भोक्तृत्व में हेतु कहा जाता है।।

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