गणना - श्लोक श्लोक 39
गणना
श्लोक 39
ई ओही बुद्धि अछि जे अहाँक दिमागमे अछि।
अनुवाद
.. 2. 39। ओ प्यारी! अहाँकेँ सांख्यक ज्ञान कहल जाइत छल, आ आब एहि (कर्म) योगक ज्ञान सुनू, जाहि सँ अहाँ कर्मक बन्धनकेँ नष्ट कऽ सकय छी।
ई ओही बुद्धि अछि जे अहाँक दिमागमे अछि।
.. 2. 39। ओ प्यारी! अहाँकेँ सांख्यक ज्ञान कहल जाइत छल, आ आब एहि (कर्म) योगक ज्ञान सुनू, जाहि सँ अहाँ कर्मक बन्धनकेँ नष्ट कऽ सकय छी।
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