गीता महात्म्य - Verse छंद 5
गीता महात्म्य
छंद 5
भरतामृत सर्वस्वम विष्णुवक्तद्विनहस्रुतम गीता गंगोडकम पीठव पुनर्जन्म नेईं ऐ।
Translation
गीता दा पुश्तैनी गंगा जल, महाभारत दा सार ते स्वयम् भगवान विष्णु दी शिक्षाएं गी पीने कन्नै कोई पुनर्जन्म नेईं होंदा।