Hindi

भगवद्गीता अध्याय 16 श्लोक 24

दैवासुरसम्पद्विभागयोग · श्लोक 24

16.24

श्लोक 24

तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ |

ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि ||१६-२४||

अनुवाद

।।16.24।। इसलिए तुम्हारे लिए कर्तव्य और अकर्तव्य की व्यवस्था (निर्णय) में शास्त्र ही प्रमाण है शास्त्रोक्त विधान को जानकर तुम्हें अपने कर्म करने चाहिए।।

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